ग्राम स्वराज्य (हिन्दी दैनिक)
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम समय में ऐसा प्रदर्शन किया है, जो बहुत कम खिलाड़ियों के हिस्से आता है। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने न सिर्फ देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई है। इसी शानदार उपलब्धि के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में शामिल होने के कारण ही वह बिहार की ओर से विजय हजारे ट्रॉफी का एक मुकाबला नहीं खेल सके।
विजय हजारे ट्रॉफी में दिखाया दमखम:
वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार टीम के लिए जबरदस्त प्रदर्शन किया। अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मैच में उन्होंने महज 84 गेंदों पर 190 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। इस तूफानी पारी में उनके बल्ले से 16 चौके और 15 छक्के निकले। हालांकि मणिपुर के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले में वह टीम का हिस्सा नहीं बन पाए, क्योंकि उन्हें राष्ट्रीय बाल पुरस्कार ग्रहण करने के लिए दिल्ली जाना था।
भारतीय क्रिकेट के भविष्य की मजबूत कड़ी:
वैभव सूर्यवंशी भारतीय अंडर-19 टीम और इंडिया-ए के लिए भी शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने उसे पूरी मजबूती से भुनाया और अपनी बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आईपीएल फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें एक बार फिर रिटेन किया है। आईपीएल 2025 में खेले गए 7 मैचों में उन्होंने 252 रन बनाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की सराहना:
सम्मान समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बच्चों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी असाधारण प्रतिभा ने खेल, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, कला-संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित किया गया हर बच्चा समान रूप से आदरणीय है और सभी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं।
वीर बाल दिवस का विशेष महत्व:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि ‘वीर बाल दिवस’ गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान को स्मरण करने का दिन है। उन्होंने बताया कि साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की याद में हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश की नई पीढ़ी को साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है।
कम उम्र में मिली यह बड़ी उपलब्धि वैभव सूर्यवंशी के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करती है। राष्ट्रीय सम्मान और मैदान पर शानदार प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का एक मजबूत चेहरा बना दिया है।