मणिपुर पुलिस के मुताबिक, इस घटना में दो और लोग घायल भी हुए हैं। बताया गया है कि उग्रवादियों ने मोइरांग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के नरनसेना में इंडियन रिजर्व बटालियन के कैंप को निशाना बनाया। इस दौरान उग्रवादियों ने पहाड़ की चोटियों से अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस दौरान हमलावरों ने कैंप पर कई बम भी फेंके, जिनमें से एक सीआरपीएफ के आउटपोस्ट के बाहर ही फट गया।
हमले में मारे गए मृतकों की पहचान कर ली गई है। इनमें एक सीआरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर एन. सरकार हैं। इसके अलावा कॉन्स्टेबल अरूप सैनी की भी जान गई है। वहीं, घायलों में इंस्पेक्टर जादव दास और कांस्टेबल अफताब दास शामिल हैं। उन्हें गोलियों के छर्रे लगे हैं। इस घटना के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों की खोज शुरू कर दी है।
मणिपुर में लगातार जारी है हिंसा का दौर
पिछले साल तीन मई को मणिपुर में हिंसा का दौर शुरू हुआ था। अभी तक वहां पर 200 से ज्यादा लोगों की जान गई है। सुरक्षाबलों से जुड़े लोगों को भी वहां की हिंसा का शिकार होना पड़ा है। भारी संख्या में लूटे गए हथियारों की पूर्ण वापसी अभी तक नहीं हो सकी है। ज्यादातर लोगों को मणिपुर पुलिस पर भरोसा नहीं है, तो वहीं असम राइफल को लेकर भी समुदाय विशेष के लोगों में रोष देखा गया है। उपद्रवियों द्वारा आईईडी का डर दिखाकर सुरक्षा बलों के वाहनों को आगे नहीं बढ़ने दिया जाता था। स्थानीय पुलिस पर पक्षपात करने जैसे आरोप लग चुके हैं।