ग्राम स्वराज्य(हिन्दी दैनिक)
जनपद महराजगंज में स्थित भारत नेपाल सीमा पर बृहस्पतिवार को नेपाली युवक द्वारा चरस का 10 किलो का खेप एसएसबी और पुलिस के संयुक्त टीम ने नेपाली युवक के तलाशी के दौरान प्राप्त किया जिसका बाजार में कीमत लगभग 5 करोड़ का था। अभी पुलिस द्वारा उक्त तस्कर के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने के कुछ ही घण्टे बीते थे तब तक चरस का दूसरा खेप एसएसबी और खूफिया एजेंसियां ने बरामद किया जिसका बाजार में कीमत लगभग 50 करोड़ का बताया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी, पुलिस एवं खुफिया एजेंसियां काफी सख़्त एवं सक्रिय हैं जिसका परिणाम यह है कि चेकिंग के दौरान गुरुवार के सुबह लगभग 10 किलो चरस बसन्त पुत्र रामबहादुर निवासी घोराई जिला दांग नेपाल से चेकिंग के दौरान एसएसबी और पुलिस ने पकड़ लिया जिसका बाजार में कीमत लगभग 5 करोड़ है। वहीं पुलिस ने इस मामले में अभियुक्त के विरुद्ध कार्यवाही की गई है।
वहीं इस मामले को अभी लगभग 5 ही घंटे बीते थे तब
तक एसएससी, पुलिस एवं खुफिया विभाग के द्वारा बिहार नम्बर की एक स्कार्पियो गाड़ी को सीमा पर रोककर तलाशी लिया गया। कि गाड़ी के सीट के नीचे चरस छिपाकर रखा गया था जिसे एसएसबी ने पकड़ लिया। उक्त बरामद लगभग 31 किलो चरस की बाजार में कीमत लगभग 50 करोड़ बताई जा रही है। एसएसबी ने गाड़ी में बैठे सभी लोगों को हिरासत में लिया गया। तथा उक्त लोगों से पूछताछ की जा रही है। अभी यह दो जॉच पड़ताल पुछ ताछ जारी ही था तब तक पुनः तीसरी 38 किलो चरस का खेप चरस दो महिलाओ से बरामद किया गया है आपको बताते चलें कि सीमा पर तैनात एसएसबी की सक्रियता से चरस के खेप तो बरामद हो गया लेकिन इतने बड़े पैमाने पर चरस तस्करी के पीछे किसका हाथ है इस बात का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल अभी उक्त पकड़े गए लोगों से पूछताछ चल रहा है। उक्त तीन खेप में पकड़े गए चरस की बाजार में कीमत लगभग 90 करोड़ बताया जा रहा है। फिलहाल असली सरगना तक पहुंचने के लिए पकड़े गए सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।