हिन्दू धर्म की जीत बताया
विश्व हिन्दू परिषद के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि ज्ञानव्यापी परिसर में पूजा पाठ शुरू होना हिन्दू समाज की सबसे बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही इस मामले में पूरी सफलता भी मिल जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिन्दू समाज जल्दी ही भगवान विश्वेश्वर को उनके मूल स्थान पर स्थापित करने में सफल हो जाएगा। इसी प्रकार भारतीय जनता पार्टी बीजेपी (BJP) की नेता अर्पणा यादव ने ज्ञानवापी को मंदिर बताते हुए व्यास जी के तहखाने में पूर्जा-अर्चना की शुरूआत को हिन्दू समाज तथा न्याय की जीत बताया है।
पूजा-पाठ का पहला वीडियो वायरल
वाराणसी में स्थित ज्ञानवापी के व्यास जी के तहखाने में पूजा का पहला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक पुजारी बाकायदा पूजा-पाठ तथा आरती करते हुए नजर आ रहे हैं।
वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में वर्ष-1993 के बाद 30 साल बाद हुई पूजा पाठ :-
जैसा कि आप जानते हैं कि वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर कोर्ट में केस चल रहा है। ज्ञानवापी के व्यास जी तहखाने में पूजा करने का अधिकार करने को लेकर एक वाद वाराणसी की जिला जज में चल रहा था और इसकी सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायधीश एके विश्वेश कर रहे थे। 31 जनवरी 2024 को श्री एके विश्वेश का सेवाकाल का अंतिम दिन था। उन्होंने रिटायर हो वाले दिन ही ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। उन्होंने ही एएसआई (ASI) सर्वे का आदेश दिया था। अब ज्ञानवापी परिसर में मौजूद व्यास जी के तहखाने में पूजा पाठ का भी आदेश दिया है।
कैसे शुरू हुई ज्ञानवापी में पूजा ?
आपको बता दें कि वाराणसी जिला जज की अदालत में वर्ष 2016 में व्यास परिवार ने ज्ञानवापी के व्यासजी के तहखाने में पूजा करने की इजाजत दिए जाने संबंधी याचिका दाखिल की थी। इस पर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की कोर्ट में 30 जनवरी को ही दोनों पक्षों की बहस पूरी हुई थी। वाराणसी में जिला जज बनने से पहले श्री एके विश्वेश यूपी के कई न्यायिक पदों पर रह चुके हैं। ज्ञानवापी केस की सुनवाई करने के साथ ही उनका नाम चर्चा में आ गया। जिला जज के तौर पर श्री विश्वेश की वाराणसी में तैनाती 21 अगस्त 2021 को हुई थी।
ज्ञानवापी ब्यास जी पूजा -