साहब! देश श्रीरामलला के प्राणप्रतिष्ठा पर उत्सव मना रहा है वहीं न्याय पाने के लिए जनता धरना प्रदर्शन कर रही है ये कैसा न्याय है:-


भीटे की जमीन पर अवैध कब्जा के विरुद्ध ग्रामीणों के धरना का तीसरा दिन आखिर क्यों नही हो रहा कार्यवाही:-

ब्यूरो कार्यालय महराजगंज
(ग्राम स्वराज्य) महराजगंज:- पूरा देश अयोध्या में श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उत्सव मना रहा है वहीं ग्रामीण न्याय पाने के लिए तीन दिन से धरना पर बैठे हैं इस देश में ये कैसा न्याय। आपको बताते चलें कि तहसील फरेन्दा अन्तर्गत ग्राम पंचायत सिधवारी में भीटा के जमीन पर ग्रामीणों का भाजपा नेता द्वारा अवैध कब्जा का आरोप है। इस मामले को लेकर ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों ने 15 जनवरी को उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम पंचायत सिधवारी में भीटा के जमीन पर भाजपा नेता द्वारा अवैध कब्जा का आरोप लगाकर जांच कर कार्यवाही की मांग किया था मांग पूरी न होने पर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन अब तक न तो कोई करवाई हुआ न कोई जॉच। आपको बताते चलें कि उक्त मामले की जॉच के लिए दिए गए प्रार्थना के आठ दिन बीत गए लेकिन साहब द्वारा अब तक जॉच नही की जा सकी न ही कोई कार्यवाही हो पाया। जिससे ग्रामीणों का तरह तरह का आरोप लगाया जा रहा है। पूरा देश श्रीराम लला के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर कीर्तन भजन करके उत्सव मनाया जा रहा है वहीं ग्रामीण न्याय पाने के लिए तीन दिन से धरना पर बैठी है लेकिन साहब को इस बात का कोई परवाह ही नहीं। विचारणीय बिन्दु यह है कि राजस्व विभाग का लेखपाल, कानूनगो साहब के आदेश पर जी सर यस सर में लगा रहता है तो उक्त मामले पर आखिर अभिलेख के आधार पर न्याय क्यों नहीं। इस मामले पर तहसील प्रशासन का चुप्पी साधना यह दर्शाता है कि साहब को उक्त मामले में कोई रुचि ही नहीं या कोई अनैतिक दबाव होना दर्शाता है। उक्त मामले को लेकर फरेन्दा विधायक बीरेंद्र चौधरी भी इस मामले को जान समझ कर धरना का समर्थन करके न्याय दिलाने की बात कहे थे और अधिकारियों से उक्त मामले में आवश्यक कार्यवाही करने को भी कहा था लेकिन यह कौन सा कारण है कि आधिकारी विधायक के बात को भी नजरअंदाज कर रहे हैं।

धरना पर बैठे ग्रामीणों ने सत्ता के दबाव में अधिकारियों द्वारा मामले को ठंडे बस्ते में डालने का आरोप
उक्त प्रकरण में धरने पर बैठे ग्रामीणों ने तीन दिन से धरना पर बैठने के बाद भी कोई कार्यवाही न होने पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के मद में चूर कुछ नेता इस मामले को दबा रहे हैं जिसके कारण आधिकारी दबाव में आकर शान्त बैठे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब राजस्व का अभिलेख और राजस्व के कर्मचारी साहब का ही है तो अभिलेखों का परीक्षण कर भीटे पर हुए अवैध कब्जा को क्यों नहीं हटा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का भी सख्त निर्देश है कि कोई भी हो अगर सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्जा करेगा तो उसके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी लेकिन योगी जी के निर्देश को भी अधिकारी दरकिनार कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने कहा मर जायेंगे लेकिन न्याय पाने तक अनिश्चित कालीन चलेगा धरना
उक्त मामले को लेकर धरना पर बैठे ग्रामीणों ने कहा कि हम लोग मर जायेंगे लेकिन जब तक अवैध कब्जे को नही हटा दिया जाएगा तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे हम तो न्याय मांग रहे हैं आखिर आधिकारी अपना अभिलेख को देख ले अभिलेख का परीक्षण करले और हमें न्याय दें जब तक हम लोगों को न्याय नहीं मिल जायेगा तब तक हम यहां से नहीं हिलेंगे।
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